बीजेपी में चुनाव से पहले ही पद बंटने शुरू हो गए

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JETLIनई दिल्ली. क्या बीजेपी में चुनाव से पहले ही पद बंटने शुरू हो गए हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के इस बयान के बाद कि मोदी की सरकार बनी तो अरुण जेटली उप प्रधानमंत्री बनेंगे, विवाद शुरू हो गया है. शिवसेना ने पूछा है अगर जेटली ही उप प्रधानमंत्री क्यों, सुषमा स्वराज क्यों नहीं.
अगली सरकार किसकी बनेगी इसका फैसला आने में अभी 55 दिन बाकी हैं. प्रत्याशियों के नामांकन का काम अभी शुरू ही हुआ है. मतदान शुरू होने में अभी लंबा वक्त बचा है. बीजेपी के भीतर उम्मीदवारी को लेकर मचा घमासान अभी खत्म भी नहीं हुआ है.
प्रकाश सिंह बादल ने कहा- अरुण जेटली बनने वाले हैं डिप्टी पीएम मगर मानो नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का गठन अभी से हो चुका हो. पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने एक बयान देकर सबको चौंका दिया है. अकाली राजनीति के सबसे बड़े इस नेता ने साफ-साफ कहा है कि अमृतसर से बीजेपी उम्मीदवार अरुण जेटली देश के अगले उप प्रधानमंत्री बनेंगे.
अकाली नेता के इस बयान के आते ही एनडीए की राजनीति गरमा गई. बीजेपी की सबसे पुरानी साथी शिवसेना ने सवाल खड़ा कर दिया कि अगर अरुण जेटली उप प्रधानमंत्री बन सकते हैं तो फिर सुषमा स्वराज क्यों नहीं.
उप प्रधानमंत्री बनने का मुद्दा गरमाता देख अरुण जेटली को सफाई देने के लिए खुद सामने आना पड़ा. जेटली ने कहा कि डिप्टी पीएम बनने की उनकी मंशा नहीं है. चुनाव के मौके पर ऐसी चर्चा तो होती ही रहती है.
अटल बिहारी वाजपेयी के डिप्टी पीएम हुआ करते थे लाल कृष्ण आडवाणी, अकाली दल जहां अरुण जेटली को उप प्रधानमंत्री बनते देखना चाहता है. वहीं शिवसेना की नजर में सुषमा स्वराज डिप्टी पीएम बनने की असली हकदार हैं. जाहिर है मोदी के बाद दूसरा सबसे ताकतवर मंत्री कौन बनेगा इसकी लड़ाई और तेज होगी.
मगर मानो नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का गठन अभी से हो चुका हो. पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने एक बयान देकर सबको चौंका दिया है. अकाली राजनीति के सबसे बड़े इस नेता ने साफ-साफ कहा है कि अमृतसर से बीजेपी उम्मीदवार अरुण जेटली देश के अगले उप प्रधानमंत्री बनेंगे.
अकाली नेता के इस बयान के आते ही एनडीए की राजनीति गरमा गई. बीजेपी की सबसे पुरानी साथी शिवसेना ने सवाल खड़ा कर दिया कि अगर अरुण जेटली उप प्रधानमंत्री बन सकते हैं तो फिर सुषमा स्वराज क्यों नहीं.
उप प्रधानमंत्री बनने का मुद्दा गरमाता देख अरुण जेटली को सफाई देने के लिए खुद सामने आना पड़ा. जेटली ने कहा कि डिप्टी पीएम बनने की उनकी मंशा नहीं है. चुनाव के मौके पर ऐसी चर्चा तो होती ही रहती है.
अटल बिहारी वाजपेयी के डिप्टी पीएम हुआ करते थे लाल कृष्ण आडवाणी, अकाली दल जहां अरुण जेटली को उप प्रधानमंत्री बनते देखना चाहता है. वहीं शिवसेना की नजर में सुषमा स्वराज डिप्टी पीएम बनने की असली हकदार हैं. जाहिर है मोदी के बाद दूसरा सबसे ताकतवर मंत्री कौन बनेगा इसकी लड़ाई और तेज होगी.

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