पहाड़ों में लगातार जारी भारी वर्षा से चारधाम यात्रा प्रभावित, पर उत्साह बरक़रार

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chardham1ऋषिकेश। पहाड़ों में लगातार हो रही वर्षा से भले ही चारधाम यात्रा प्रभावित हुई हो, लेकिन यात्रा के प्रति लोगों में उत्साह बरकरार है। बर्फबारी के कारण केदारनाथ यात्रा बंद होने बाद बायोमैटिक पंजीकरण का गुप्तकाशी काउंटर भी फिलहाल बंद कर दिया गया है। चारधाम यात्रा के लिए सोमवार को ऋषिकेश सहित अन्य केंद्रों पर भी यात्रियों का पंजीकरण किया गया। सोमवार को गुप्तकाशी काउंटर पर एक भी पंजीकरण नहीं किया गया, जबकि सोमवार को ऋषिकेश में 589, नारसन में 44, जानकीचट्टी में 36 व हरिद्वार में 408 यात्रियों ने पंजीकरण कराया। चारधाम यात्रा पर आने वाली तीर्थयात्रियों से अब ऋषिकेश नगर की धर्मशालाएं और सराय आबाद होने लगे हैं। हालांकि, रोटेशन भंग होने के बाद अब यात्रा पर जाने वाले वाहनों की सही संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है, लेकिन पंजीकरण से यात्रियों की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो रही है। सोमवार को लोकसभा चुनाव का अंतिम चरण निपटने के बाद तेजी आने का अनुमान है।
जोशीमठ में बदरीनाथ यात्रा के 25 वाहनों को रोका
चमोली जिले में बारिश का असर यात्रा पर भी पड़ रहा है। दिनभर बदरीनाथ यात्रा पर आवाजाही के बाद शाम को लामबगड़ के पास भूस्खलन के खतरे को भांपते हुए पुलिस ने अंतिम गेट में रवानगी के लिए खड़े वाहनों को जोशीमठ में ही रोका है। हालांकि, बदरीनाथ से अंतिम गेट से वाहन जोशीमठ रवाना किए गए हैं।
गौरतलब है कि जोशीमठ से बदरीनाथ के बीच छह बार गेट सिस्टम से आवाजाही हो रही है। पांच गेटों से दिनभर में 242 वाहनों में 1200 से अधिक यात्रियों की जोशीमठ से बदरीनाथ व बदरीनाथ से जोशीमठ के बीच आवाजाही हुई। लेकिन, दिनभर बारिश के बाद शाम लामबगड़ व जेपी बैराज के पास सड़क में कीचड़ व पहाड़ी से पत्थर गिरने से संभावित खतरे को भांपते हुए पांडुकेश्वर पुलिस ने जोशीमठ थाने को सूचना दी। पुलिस ने पांच बजे शाम जोशीमठ से रवाना होने वाले वाहनों को अंतिम गेट पर रोका गया है। इस गेट में 25 वाहनों में 300 यात्री हैं। थानाध्यक्ष जोशीमठ प्रदीप कुमार राठौर ने कहा कि सुबह मौसम साफ होने पर रोके गए वाहनों को प्रथम गेट से छोड़ा जाएगा। पांडुकेश्वर से आगे भी वाहनों को बदरीनाथ के लिए रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इधर, पांडुकेश्वर चौकी के मुंशी अजय कुमार ने कहा कि पांडुकेश्वर से भी आगे वाहनों को नहीं जाने दिया गया। बदरीनाथ से अंतिम गेट से 26 वाहनों को छोड़ा गया है। तब बदरीनाथ में मौसम ठीक था।

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