बैंकिग घोटाले निरंतर जारी, सरकार की उपेक्षा या मिलीभगत ?

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सरकार के संरक्षण या उपेक्षा से चलते है हवाला घोटाले,आयकर विभाग अवैध लेनदेन में संलिप्त रहने के संदेह में ऐक्सिस बैंक के कुछ कर्मचारियों की जांच कर रहा है। बैंक कर्मियों पर आरोप हैं कि उन्होंने 52 करोड़ रुपये से अधिक रकम अवैध तरीके से जमा कराने और बेनामी लेनदेन में मुंबई के जवेरी बाजार के आधा दर्जन आभूषण कारोबारियों की मदद की है। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार ‘हवाला लेनदेन, धन शोधन, करोड़ों रुपये के नकद लेनदेन और मोटी रकम जमा कराने में इन कर्मचारियों के संलिप्त होने की शिकायत की गई है।
शिकायत में कहा गया है कि ऐक्सिस बैंक के एक कर्मचारी जोएल जोसेफ डिसूजा और बैंक के ही अन्य कर्मचारियों ने इन अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया है।’ अधिकारी ने कहा कि आभूषण विक्रेताओं के बैंक खातों और अन्य पहलुओं पर गौर करने के बाद पता चला है कि 52 करोड़ रुपये से अधिक रकम नकद जमा कराई गई है।
अधिकारी ने कहा कि इस रकम का कोई लेखा-जोखा नहीं है। इसके अलावा विभाग को ऐसे 7 बेनामी खातों का पता चला है, जिनमें 5 करोड़ रुपये से अधिक रकम की हेर-फेर हुई है। जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि ऐक्सिस बैंक के कर्मचारियों को इसके बदले सोने के सिक्के, नकदी और महंगे आभूषण मिले।
एक सूत्र ने कहा, ‘विभाग ने बैंक के कर्मचारियों और आभूषण कारोबारियों पर लगे आरोप की जांच के बाद इसका ब्योरा केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, पीएमओ और ऐक्सिस बैंक के साझा किया है।’
सूत्रों ने बताया कि आभूषण कारोबारियों की जांच में कई अन्य अनियमितताओं का भी पता चला है।
सूत्रों ने कहा कि जांच के बाद जुटाए गए तथ्य बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी को भेज दिए गए हैं। मीडिया ने ऐक्सिस बैंक से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी तो उसके प्रवक्ता ने कहा, ‘कर अधिकारी समय-समय पर विभिन्न मुद्दों के बारे में पूछताछ करते रहते हैं। पूछताछ का मतलब यह नहीं है कि बेंक की ओर से किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी की गई है।’
बैंक ने कहा कि यह मामला पहले हुए लेन-देन से जुड़ा है, जिसके लिए बैंक ने आंतरिक जांच की थी और उपयुक्त कदम उठाए गए थे। 

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