विभिन्न चैनलों एवं सर्वेक्षण एजेंसियों के एक्जिट पोल में MP, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से BJP के Exit के संकेत,कांग्रेस की मध्यप्रदेश छतीसगढ़ राजस्थान में वापसी

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MP, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से BJP के Exit के संकेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव शुक्रवार को संपन्न होने के बाद शुक्रवार को विभिन्न चैनलों एवं सर्वेक्षण एजेंसियों के एक्जिट पोल में कांग्रेस की मध्यप्रदेश , छत्तीसगढ़ व राजस्थान में वापसी की संभावना नजर आ रही है! देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को 2019 लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है. मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार है. वहीं, मिजोरम में कांग्रेस और तेलंगाना में टीआरएस की सरकार है, सर्वे के अनुमानों और आम जन चर्चाओ में भी भाजपा के प्रति लोगो का मोहभंग होकर, आक्रोश जेसा नजर आ रहा हे, यह नरेन्द्र मोदी की केंद्र सरकार और राज्यों में रहे बीजेपी नेतृत्व दोनों के प्रति बराबर दिख रहा हे, मोदी सरकार के कथित आत्ममुग्ध तानाशाही रवेय्ये, राफेल और पेट्रोलियम घोटालो के आरोपों ने मंहगाई, जीएसटी और नोट्बंदी से प्रताडीत मजदूर किसानो व्यापारियो की ही नहीं, आम मध्यमवर्गीय जनता को भी बुरी तरह तोड़ दिया, बार बार के बड़ते धार्मिक उन्माद और ध्रुवीकरण से जनता परेशान हो, व्याकुल हो उठी, वोटो के लिए बीजेपी नेता देवी देवताओ को जातियो में बाटने के कुचक्र रचते नजर आये, इससे इनकी छबि गिरती जा रही हे, विपक्षी दलों को प्रताडीत करने उनपर छापे डालने और उपहास उड़ना मोदी सरकार को मंहगा पड़ता दिख रहा हे. इससे विपक्ष लामबंद हो, एकजूट हो, मोदी को और राज्यों में बीजेपी सरकारों को उखाड फेकने के लिए , जनता के मुद्दे उठाकर अपनी और खीचने में सफल होता दिख रहा हे, युवाओ को रोजगार देने , काले धन को लाकर लाखो रुपे हर नागरीक के खाते में जमा करने के, सुशासन देने के जुमलो वादों का सब्जबाग दिखाकर और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के प्रयत्नों के आरोपों के सहारे मोदी सरकार सत्ता पाने में सफल रही , पर असलियत में वो माल्या अदानी अम्बानी मोदी और चौकसी जेसे चुनिन्दा पूँजीपतियो के लाभ मात्र के लिए काम करती नजर आई सरकार. इन बड़े पूंजीपतियो द्वारा देश के लगभग पूरे बड़े मीडिया पर नियंत्रण होने, साथ में भारी विज्ञापन व्यय के सहारे से, अनुकूल माहोल बनाकर, जनता को भ्रमित करने के प्रयास में कुछ हद तक सरकार अवश्य सफल रही, किन्तु कथनी करनी के स्पस्ट अंतर से लोगो में इसकी नकारात्मक प्रणाली की छवि ने जगह बना ली. कांग्रेस की आपसी फूट और भीतरघातियो के सहारे सरकार बनाने की तिकड़म ज़माने वाले अब २०१९ के लोकसभा आम चुनावों को देखते हुए घटे जनाधार से चिंतित हो, इससे अधिक एकजूट विपक्ष से भयभीत लग रहे हे. कांग्रेस का बराबर हो कर आना भी बीजेपी की स्पस्ट हार और भवीश्य में गिरते जनाधार के संकेत हे

राजस्थान और तेलंगाना में वोटिंग थमने के साथ ही पांच चुनावी राज्यों के एग्जिट पोल्स आ गए। मध्यप्रदेश के लिए अब तक 8 सर्वे सामने आए हैं। पांच में कांग्रेस को बहुमत मिलता दिख रहा है। राजस्थान के 6 सर्वे में से 4 में कांग्रेस की सरकार बनने के आसार हैं। छत्तीसगढ़ के 8 सर्वे में भाजपा 4 और कांग्रेस 4 पर आगे है। तेलंगाना में 4 सर्वे आए हैं, सभी में टीआरएस की सरकार बनने का अनुमान जताया गया है।

1) मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश में 230 सीटें हैं। इसके लिए 28 नवंबर को वोटिंग हुई थी। 75 फीसदी लोगों ने मतदान किया था। 2013 में भाजपा ने 165 और कांग्रेस ने 58 सीटें जीती थीं।
सर्वे भाजपा कांग्रेस अन्य
इंडिया टुडे-एक्सिस 102-122 104-122 4-11
टाइम्स सीएनएक्स 126 89 15
एबीपी-लोकनीति 94 126 10
इंडिया न्यूज-नेता 106 112 12
रिपब्लिक 108-128 95-115 7
न्यूज नेशन 110 107 13
न्यूज 24 98-108 110- 120 02
टुडेज चाणक्य 103 (+-12) 125 (+-12) —

2) राजस्थान
राजस्थान में इस बार 200 में से 199 सीटों पर वोटिंग हुई। यहां शुक्रवार को वोटिंग हुई। 2013 में यहां भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 21 सीटें जीती थीं।
सर्वे भाजपा कांग्रेस अन्य
इंडिया टुडे-एक्सिस 55-72 119-141 04-11
टाइम्स नाउ-सीएनएक्स 85 105 09
रिपब्लिक-सी वोटर 83-103 81-101 15
न्यूज नेशन 89-93 99-103 00
न्यूज 24 70-80 110-120 10
एबीपी-लोकनीति 83 101 15
इंडिया न्यूज-नेता 80 112 —

3) छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में 90 सीटें हैं। यहां 12 नवंबर और 20 नवंबर को दो चरणों में वोटिंग हुई। कुल 76.35 फीसदी मतदान हुआ। पिछली बार भाजपा ने 49 और कांग्रेस ने 39 सीटें जीती थीं। बसपा के खाते में एक ही सीट आई थी, लेकिन उसका वोट प्रतिशत 4.4% रहा था। बसपा और जोगी की छजकां के बीच इस बार गठबंधन है। जोगी ने 2016 में कांग्रेस से अलग होकर पार्टी बनाई थी।
सर्वे भाजपा कांग्रेस अन्य
इंडिया न्यूज-नेता 43 40 07
टाइम्स-सीएनएक्स 46 35 07
इंडिया टुडे-एक्सिस 21-31 55-65 04-08
न्यूज नेशन 38-42 40-44 04-08
रिपब्लिक 35-43 40-50 03-07
न्यूज 24 36-42 45-51 04-08
टुडेज चाणक्य 36 (+-8) 50 (+-8) 4
एबीपी-लोकनीति 52 35 3

4) तेलंगाना
राज्य में 119 सीटें हैं। यहां भी शुक्रवार को वोटिंग हुई। आंध्र से अलग होकर नए राज्य बने तेलंगाना में 2014 में पहली बार चुनाव हुआ था। तेलंगाना राष्ट्र समिति ने 63, कांग्रेस ने 21, तेदेपा ने 15, एआईएमआईएम ने 7 और भाजपा ने 5 सीटें जीती थीं। इस बार मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने छह महीने पहले ही विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी। इसी वजह से यहां जल्दी चुनाव हो रहे हैं। इस बार कांग्रेस और तेदेपा एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं।
सर्वे टीआरएस कांग्रेस+ भाजपा
इंडिया टुडे-एक्सिस 79-91 21-33 01-03
टाइम्स सीएनएक्स 66 37 07
रिपब्लिक-जन 50-65 38-52 04-07
टीवी 9-एआरए 75-85 25-35 02-03

5) मिजोरम
राज्य में 40 विधानसभा सीटें हैं। यहां 28 नवंबर को वोटिंग हुई थी। यहां 10 साल से कांग्रेस सत्ता में है। मुख्यमंत्री ललथनहवला तीन बार से मुख्यमंत्री हैं। 2013 में यहां कांग्रेस ने 34 सीटें जीती थीं। एमएनएफ को 5 और एमजेडपीसी को 1 सीट मिली थी। इस बार विधानसभा अध्यक्ष हेफई समेत कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। भाजपा ने यहां चुनाव की कमान असम के मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा को दी है, जिनके नेतृत्व में पार्टी ने इसी साल त्रिपुरा में पहली बार जीत हासिल की थी। मिजोरम कांग्रेस की सरकार वाले चार राज्यों में शामिल है। यह पूर्वोत्तर का इकलौता राज्य है जहां भाजपा सत्ता में नहीं है।
सर्वे कांग्रेस एमएनएफ अन्य भाजपा
रिपब्लिक-सी 14-18 16-20 03-10 0
टाइम्स नाउ 16 18 7 0

कांग्रेस तीन राज्यों में जोरदार बापसी के लिए सफल होती दिख रही हे, तेलंगाना में कांग्रेश गठबंधन टक्कर देने की स्थिति में नजर आ पा रहा हे, पांचों राज्यों में 11 दिसंबर को मतगणना के बाद असली तस्वीर साफ होगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है की उनकी एग्जिट पोल के सर्वे कराने वाली एजेंसियों की रिपोर्ट पर अध्ययन व् चर्चा हुई है। उनकी माने तो मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बन रही है। उन्हें एग्जिट पोल में दर्शाए से कंही अधिक सीटे भारी जनमत के समर्थन सहयोग से बहुमत मिल रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से 132 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया. बुधवार को राज्य विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान में रिकार्ड 75 फीसदी मतदान हुआ. साल 2013 की तुलना में मतदान प्रतिशत में दो फीसदी का इजाफा हुआ. दिग्विजय सिंह ने कहा, ”हम 132 से ज्यादा सीटें जीतेंगे और 15 साल बाद राज्य में बीजेपी को सत्ता से बेदखल कर देंगे.” उन्होंने कहा, ”2013 के विधानसभा चुनाव में करीब तीन फीसदी जाली मतदाता थे. इस दफा विधानसभा चुनाव से पहले हमने मतदाता सूची से इनकी लगभग छटनी करवा दी.” मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस बार चुनाव जीतने के लिए दिलो-जान लगा दिया. उन्होंने कहा, ”इस बार कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. यह जनता और सरकार के बीच की लड़ाई है.”
एक टीवी चैनल से बातचीत में मध्यप्रदेश कांग्रेस की चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ‘एग्जिट पोल्स के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है, लेकिन इस देश में आप एग्जिट पोल के सहारे किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते। मध्यप्रदेश की जनता ने इस बार परिवर्तन का मूड बनाया है और वह निर्णायक फैसला देगी।’
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को एग्जिट पोल में आगे बताया
शुक्रवार को आए कुछ एग्जिट पोल में कांग्रेस को मिलती बढ़त पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा, ‘मुझे पूरा यकीन है कि बीजेपी चौथी बार सत्ता में नहीं आ पाएगी। बीजेपी के 15 साल के कार्यकाल में कानून का खुला उल्लंघन हुआ है, भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं इस सरकार ने तोड़ी हैं।’
राजस्थान में सत्ता परिवर्तन का टेंड्र कायम रहेगा!
राजस्थान का एग्जिट पोल अभी तक के आम अनुमानों की तरह ही हैं और राज्य में हर बार चुनाव में सत्ता परिवर्तन का 25 साल पुराना ट्रेंड कायम रह सकता है। राजस्थान में शुरुआत से ही कांग्रेस को बढ़त मानी जा रही थी और एक्जिट पोल भी उसी का संकेत दे रहे हैं। कांग्रेस ने भी राजस्थान में सबसे ज्यादा दांव लगाया था। राजस्थान में उसने दोनों दावेदारों को चुनाव लड़ाया और उसका लाभ मिलता भी दिख रहा है।
‘राजस्थान में कांग्रेस की ही बनेगी सरकार’
एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, ‘राजस्थान में कांग्रेस की ही सरकार बनने जा रही है। पूरा देश यह जानता है और एग्जिट पोल में भी यही सामने आया है। प्रदेश की राज्य सरकार ने जो कुशासन दिया था, यह उसी का जवाब है।’
मिजोरम में कांग्रेस तीसरे स्थान पर!
मिजोरम में दूसरे नंबर के लिए जोराम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) सत्तारुढ़ कांग्रेस को कड़ी टक्कर देती दिख रही है. सर्वे में जेडपीएम और कांग्रेस दोनों को ही 8 से 12 सीटें मिलने का अनुमान है. जेडपीएम को पिछली बार एक भी सीट नहीं मिली थी.

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