सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद तेलंगाना ने वापस ली 50 पर्सेंट से अधिक आरक्षण बढ़ाने की मंजूरी वाली याचिका

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सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद तेलंगाना ने वापस ली 50 पर्सेंट से अधिक आरक्षण बढ़ाने की मंजूरी वाली याचिका. तेलंगाना ने सुप्रीम कोर्ट से राज्‍य में होने वाले सरपंच चुनावों और दूसरे स्‍थानीय निकायों के चुनावों में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित ज‍ाति, जनजाति के लिए आरक्षण का कोटा बढ़ाने की अनुमति मांगी थी। ऐसी स्थिति में कुल आरक्षण 67 पर्सेंट हो जाता। सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद तेलंगाना ने अपनी याचिका वापस ले ली।
सुप्रीम कोर्ट से आरक्षण कोटा 50 पर्सेंट से अधिक बढ़ाने की मंजूरी न मिलने के बाद तेलंगाना सरकार ने पंचायती राज और दूसरे स्‍थानीय निकायों में पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए आरक्षण कोटा बढ़ाने की अपनी याचिका वापस ले ली है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तेलंगाना को यह अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
इससे पहले तेलंगाना ने राज्‍य में होने वाले सरपंच चुनावों और दूसरे स्‍थानीय निकाय के चुनावों में पिछड़ा वर्ग के लिए 34 पर्सेंट, अनुसूचित जाति के लिए 24 पर्सेंट और अनुसूचित जनजाति के लिए 9 पर्सेंट आरक्षण देनेे की अनुमति देने की मांग की थी। ऐसी स्थिति में कुल आरक्षण 67 पर्सेंट हो जाता।
तेलंगाना सरकार की दलील थी कि चूंकि तेलंगाना में पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति व जनजाति की जनसंख्‍या ज्‍यादा है इसलिए ऐसी अनुमति लेना आवश्‍यक है।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने तेलंगाना के वकील को बताया कि किसी भी परिस्थिति में राज्‍य सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में निर्धारित 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा को नहीं लांघ सकता। इसके बाद तेलंगाना ने अपनी याचिका वापस ले ली।
कुछ समय पहले हैदराबाद हाई कोर्ट ने भी स्‍पष्‍ट किया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सभी वर्गों को दिए जाने वाले आरक्षण कुल मिलाकर 50 पर्सेंट से ज्‍यादा नहीं हो सकते

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