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Indore Ujjain Metro Project: इंदौर से उज्जैन के बीच 47 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसमें चार किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (DMRC) जल्द ही मेट्रो प्रबंधन के समक्ष इसे प्रस्तुत करेगा।

इंदौर से उज्जैन के बीच चार किलोमीटर अंडरग्राउंड रहेगी मेट्रो।

HIGHLIGHTS

  1. मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो गई है

  2. DMRC जल्द मेट्रो प्रबंधन के समक्ष प्रस्तुत करेगा

  3. पहले 47 किमी हिस्से को एलिवेटेड बनाने की योजना थी

इंदौर से उज्जैन के बीच 47 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसमें चार किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (DMRC) जल्द ही मेट्रो प्रबंधन के समक्ष इसे प्रस्तुत करेगा। दो माह पूर्व डीएमआरएसी ने उज्जैन में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के समक्ष इस प्रोजेक्ट का मसौदा प्रस्तुत किया था।

पूर्व में इंदौर से उज्जैन के बीच 47 किलोमीटर हिस्से को एलिवेटेड बनाने की योजना बनाई गई थी। अब इसमें से चार किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड करने का भी प्रस्ताव दिया गया। उज्जैन में ही उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज से उज्जैन रेलवे स्टेशन तक के हिस्से को अंडरग्राउंड

वहीं पूर्व में इंदौर से उज्जैन के बीच एलिवेटेड मेट्रो का हिस्सा तैयार करने पर 10 हजार करोड़ रुपये के खर्च का आकलन किया गया था। अब उज्जैन में चार किलोमीटर सघन बसाहट क्षेत्र होने के कारण अंडरग्राउंड किया जाना तय किया है। ऐसे में इस हिस्से को अंडरग्राउंड करने पर एक से डेढ़ हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे।

इंदौर से उज्जैन के बीच ये होंगे महत्वपूर्ण स्टेशन

इंदौर में फिलहाल सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर ही मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। मेट्रो प्रबंधन द्वारा सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक दिसंबर तक मेट्रो का कॉमर्शियल रन शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब फरवरी में ही यह हो पाएगा। ऐसे में शहरवासियों को सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो में सफर करने के लिए अभी दो माह का इंतजार करना होगा। फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर 5.6 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का कॉमर्शियल रन किया जा रहा है।

जनवरी माह में निरीक्षण के लिए आएगी टीम

रेडिसन चौराहे तक 17 किलोमीटर हिस्से तक मेट्रो चलाने के लिए पिछले सप्ताह रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम द्वारा निरीक्षण किया जा चुका है। टीम की रिपोर्ट आने के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम जनवरी माह में निरीक्षण के लिए आएगी। ऐसे में सीएमआरएस से हरी झंडी मिलने के बाद ही मेट्रो में यात्री बैठकर फरवरी तक रेडिसन चौराहे तक सफर कर पाएंगे।

 


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